पहले कभी कभार जब मैं ट्रेन में सफर करता था तो ट्रेन जब स्टेशन पर रुकती थी या ट्रेन अचानक से रुकती थी तो पूरे ट्रेन के अंदर एक अजीब सी महक आने लगती थी हम समझ नहीं पाते थे कि आखिर यह महक किस चीज की है। और अगर आपने भी कभी पुरानी ICF कोच वाली ट्रेनों में सफर किया होगा तो शायद आपने भी यह गंध जरूर महसूस की होगी। जब ट्रेन तेज रफ्तार से चलने के बाद ब्रेक लगाती थी, तो अचानक एक अलग तरह की गंध आने लगती थी। कई बार तो इतनी तेज गंध आती थी कि समझ ही नहीं आता था कि आखिर ट्रेन में जल क्या रहा है। 

अब आखिर ब्रेक लगाते समय ऐसी गंध आती क्यों थी तो इसके पीछे दरअसल जब ट्रेन को रोकने के लिए जब ब्रेक लगाया जाता है तो ब्रेक शू पहिए या ब्रेक डिस्क पर दबाव डालकर ट्रेन की गति कम करते हैं। इस दौरान घर्षण की वजह से काफी गर्मी पैदा होती है। और पुराने ICF कोचों में इस्तेमाल होने वाले ब्रेकिंग सिस्टम में ब्रेक शू और पहिए के बीच होने वाला यही घर्षण उस खास तरह की गंध का एक बड़ा कारण था। जब ट्रेन तेज रफ्तार में होती और अचानक ब्रेक लगाए जाते, तो ब्रेकिंग के दौरान पैदा हुई गर्मी के कारण ब्रेक शू गर्म होकर एक अज़ीब सी गंध पैदा करती। 

यानी जिसे हम बचपन से ट्रेन की एक खास गंध समझते आए हैं, उसके पीछे असल में ब्रेकिंग के दौरान पैदा होने वाली गर्मी और घर्षण का पूरा खेल था।

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