सेवराई। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. इरज राजा और उपजिलाधिकारी सेवराई गजराज सिंह यादव के साथ तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नरवा घाट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के साथ ही लोगों के स्नान पर आवश्यक अंकुश लगाने और बांस की फट्टी लगाकर सुरक्षा घेरा बनाने का निर्देश दिया।

केंद्रीय जल आयोग की सूचना के हवाले से जिलाधिकारी ने बताया कि अगले 24 से 48 घंटों में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है। जलस्तर बढ़ने से जिले की विभिन्न तहसीलों के निचले इलाकों में बसे गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी हैं।
सेवराई तहसील क्षेत्र में 15 बाढ़ चौकियां, पांच बाढ़ शरणालय और 30 नावें सक्रिय कर दी गई हैं। इसके अलावा पीएसी की टीमें भी तैनात की गई हैं। राहत सामग्री और बाढ़ राहत किट तैयार रखने के साथ ही बाढ़ शरणालयों में पक्के भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील

जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं को समय रहते सुरक्षित ऊंचे स्थानों अथवा बाढ़ शरणालयों में पहुंचाने की सलाह दी गई है। बच्चों को बाढ़ के पानी में जाने और नहाने से रोकने को कहा गया है।

प्रशासन ने लोगों से जरूरी दस्तावेज, दवाइयां, सूखा राशन और पीने का पानी पहले से तैयार रखने की अपील की है। गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगों और गंभीर रूप से बीमार लोगों की जानकारी तत्काल संबंधित बाढ़ चौकी या लेखपाल को देने को कहा गया है।

बिजली के तार और तेज बहाव से रहें दूर

बाढ़ के दौरान बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने तथा बाढ़ के पानी में वाहन नहीं चलाने की अपील की गई है। लोगों को तेज बहाव वाले पानी के पास सेल्फी लेने, तैरने या किसी भी तरह का जोखिम उठाने से बचने की सलाह दी गई है।

नाव से यात्रा करने वालों को क्षमता से अधिक लोगों को नाव में नहीं बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिबंधित क्षेत्रों में नाव का संचालन न करने तथा प्रत्येक नाव में लाइफ जैकेट और लाइफ रिंग रखना अनिवार्य किया गया है।

आपात स्थिति में तहसील सेवराई के हेल्पलाइन नंबर 05497-297597 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित बाढ़ चौकी, तहसील प्रशासन या जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सूचना दें। फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की नजर निचले इलाकों और संभावित बाढ़ प्रभावित गांवों पर बनी हुई है।


यूथ कॉर्नर न्यूज़ चैनल गाजीपुर जिला ब्यूरो नसीम खान शुभम सिंह की रिपोर्ट

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