छात्र जीवन से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
मनीष सिंह बिट्टू का राजनीतिक सफर वर्ष 2006 में प्राथमिक शिक्षा वर्ग से शुरू हुआ। इसके बाद वर्ष 2009 में उन्होंने प्रथम वर्ष संघ शिक्षा वर्ग में प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसी वर्ष से अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए छात्रहित और संगठनात्मक गतिविधियों में अपनी भूमिका निभाई।
वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने डॉ. मुरली मनोहर जोशी के चुनाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद उनका राजनीतिक सफर लगातार आगे बढ़ता गया।वर्ष 2014 के सदस्यता अभियान में इन्होंने गाजीपुर जनपद में सबसे अधिक सदस्यता कराने वाले पहले व्यक्ति बने। इसके अतिरिक्त वर्ष 2017 में वे हाजीपुर रेलवे जोन के ZRUCC सदस्य तथा गाजीपुर के दूरसंचार सलाहकार सदस्य भी रहे। वर्ष 2021 में जिला सहसंयोजक, पंचायत प्रकोष्ठ और वर्ष 2024 में जिला सहसंयोजक, नमामि गंगे के दायित्व का निर्वहन किया।
संगठनात्मक अनुभव बन सकता है मजबूत आधार
मनीष सिंह बिट्टू की राजनीतिक यात्रा को देखें तो छात्र जीवन से लेकर जिला स्तर तक संगठन के विभिन्न दायित्वों का अनुभव उनके खाते में है। युवा मोर्चा से लेकर जिला पंचायत और केंद्र सरकार से जुड़ी विभिन्न सलाहकार एवं संगठनात्मक जिम्मेदारियों तक उनकी सक्रियता रही है।
जमानिया विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के संभावित उम्मीदवार के रूप में उनके नाम की चर्चा राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी उनकी उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व जमानिया सीट को लेकर क्या निर्णय लेता है और मनीष सिंह बिट्टू को पार्टी की ओर से चुनावी मैदान में उतरने का अवसर मिलता है या नहीं।
फिलहाल, मनीष सिंह बिट्टू की संगठनात्मक पृष्ठभूमि, राजनीतिक अनुभव और लंबे समय से जारी सक्रियता उन्हें जमानिया विधानसभा की संभावित दावेदारी के बीच एक चर्चित नाम बना रही है।
एक टिप्पणी भेजें
एक टिप्पणी भेजें