प्रतापगढ़। पांडवकालीन बाबा भयहरणनाथ धाम को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चल रहे सामाजिक सत्याग्रह को भागवत भूषण, कथा मर्मज्ञ पूज्य देवव्रत जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है।
प्रयागराज जनपद के होलागढ़ ब्लाक के गेंदा उमरिया ग्राम में आयोजित कार्यक्रम में महाराज श्री ने धाम के महासचिव व सामाजिक कार्यकर्ता समाज शेखर को प्रसाद देकर आशीर्वाद दिया। उन्होंने 10 मई को होने वाले 9वें सामाजिक सत्याग्रह की सफलता की कामना करते हुए क्षेत्रवासियों से इस पुनीत कार्य में भागीदारी की अपील की।
*"काल को चुनौती देना है देव भूमि हड़पना" - देवव्रत जी महाराज*
पूज्य महाराज श्री ने कहा, "देवताओं के जीवंत स्थान पर मोह करना मानव की सबसे बड़ी नादानी है। द्वापर युग की जिस भूमि पर भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े, उसे निजी स्वार्थ हेतु हड़पना काल को चुनौती देना है।"
*15 मार्च से जारी है सत्याग्रह*
बता दें कि धाम को भूमि के लालची लोगों और अनाधिकृत कब्जे से मुक्त कराने के लिए 15 मार्च से हर रविवार को सत्याग्रह चल रहा है। इसी कड़ी में 10 मई 2026, रविवार को 'सीमांकन संकल्प दिवस' पर भयहरणनाथ धाम में सामूहिक सत्याग्रह होगा।
*17 मई से मलमास मेला, लाखों श्रद्धालु जुटेंगे*
17 मई से 15 जून 2026 तक धाम में मलमास मेला आयोजित होगा जिसमें लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मेले की सुव्यवस्था को लेकर सत्याग्रह में अंतिम योजना तय की जाएगी।
*"मेले से पहले धाम विवाद मुक्त हो" - संत आदेश*
महासचिव समाज शेखर ने बताया कि संतों का आदेश है कि मेले से पहले धाम विवाद मुक्त हो। उन्होंने कहा, "जब संत का आशीर्वाद हो, इतिहास गवाह हो, कानून साथ हो, प्रशासन की सहभागिता हो और मीडिया व समाज साक्षी हो - तो नादानी की हार निश्चित है।"
*प्रशासन से स्थाई चिन्हांकन की मांग*
समाज शेखर ने जिला प्रशासन से मांग की कि 10 मई को राजस्व विभाग वायदे के मुताबिक पत्थर गाड़कर धाम की सार्वजनिक भूमि का स्थाई चिन्हांकन करे, जिससे स्थाई समाधान व विकास हो सके।
इस अवसर पर उपाध्यक्ष वित्त एवं लेखा राजीव नयन मिश्र, उपाध्यक्ष कार्यक्रम उमाकांत पांडेय, मेला समिति से श्री प्रकाश तिवारी, राज नारायण पांडेय व लक्ष्मी कांत शुक्ल भी मौजूद रहे।
---
_रिपोर्ट: विकास कुमार
एक टिप्पणी भेजें
एक टिप्पणी भेजें