स्वरसंगम फाउंडेशन द्वारा आयोजित अमूमन हर आयोजन लीक से हटकर आयोजित होता रहा है पर कल की शाम अत्यंत ही आह्लादित करने वाली शाम थी जिसमें प्रो . एलिसेंद्रा के वक्तव्य का आकर्षण तो था ही लोक गायक संभाजी भगत कम समय के बावजूद छाये रहे ।प्रो.असगर वजाहत की अध्यक्षता में आयोजित यह संध्या कई मायनों में अलग थी ।रमन मिश्र के गंभीर संचालन में प्रो कुसुम त्रिपाठी के कई गंभीर व सवालों का जबाव एलिसेंद्रा नें खुलकर दिया ।भारतीय समाज की विदेशों में क्या शिनाख़्त है इसपर भी उन्होंनें अपने विचार रखे ।श्रोताओं से खचाखच भरे सभागृह में धीरेंद्र अस्थाना ,हरिमृदुल, राकेश शर्मा अभिनेता द्वय दिनेश शाकुन ,अजय रोहिल्ला ,डाॅ रीतादास राम, ललिता अस्थाना ,डाॅ अनिता ,त्रिपाठी ,धर्मेंद्र प्रकाश चतुर्वेदी प्रो. अनंत भगत ,सुबोध मोरे ,संजय भिसे डाॅ मुख्तार खान,डाॅ अनिल गौड़ समेत अनेक गणमान्य लेखक व साहित्यिक उपस्थित थे ।प्रारंभ में डाॅ हरिप्रसाद राय नें संस्था की तरफ से अतिथियों का स्वागत किया और अंत में हृदयेश मयंक ने आभार व्यक्त किया ।मीरा भायंदर में सक्रिय शिक्षकों की संस्था की ओर से प्रो एलिसेंद्रा और संभाजी भगत का नागरिक अभिनंदन किया गया ।ज्ञातव्य है कि प्रो.एलिसेंद्रा इस समय अंबेडकर जी के लेखन व उनसे संबंधित जीवन पद्धतियों पर काम कर रही हैं और संभाजी भगत विद्रोही साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष चुने गये हैं।
विनोद कुमार दुबे यूथ कार्नर
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