इफको के नैनो उर्वरक भारतीय कृषि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इनके प्रयोग से सस्ती एवं टिकाऊ खेती करने में सफलता प्राप्त की जा सकती है। उक्त बातें डॉ. डी.के.सिंह, प्रधानाचार्य मोतीलाल नेहरू फार्मरस ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट कॉर्डेट इफको फूलपुर ने बतौर मुख्य अतिथि ग्राम हंसराजपुर के कृषकों हेतु आयोजित एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कहीं । उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए बताया कि इफको के नैनो उर्वरक जो कृषि क्षेत्र में सकारात्मक क्रांतिकारी परिवर्तन ला रहे हैं को जरूर प्रयोग करें। इसी क्रम में मधुमक्खी पालन इकाई के प्रभारी बिरेंद्र सिंह ने मौन पालन एवं फल संरक्षण व खाद्य प्रसंस्करण की तकनीक के बारे में विस्तार से चर्चा की। प्रभारी प्रशिक्षण मुकेश तिवारी ने फसलों में नैनो यूरिया प्लस, नैनो कॉपर, नैनो जिंक, एवं नैनो डीएपी के प्रयोग की विस्तार से जानकारी दी एवं स्वस्थ व टिकाऊ खेती के लिए मृदा परीक्षण के महत्व को बताया एवं कृषि में जैव उर्वरकों एवं जैव अपघटकों के प्रयोग की जानकारी दी। सभी प्रतिभागियों को नैनो उर्वरकों एवं जैव उर्वरकों के गेहूं फसल पर लगे ट्रायल्स का तथा कारडेट की विभिन्न इकाइयों का भ्रमण भी कराया गया। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान जय सिंह यादव , राधेश्याम सरोज, भारत लाल यादव, राम शिरोमणि बिन्द रमाशंकर गौतम , शोभा सरोज अमरावती बिन्द सहित कॉर्डेट फूलपुर की वरिष्ठ अधिकारी श्रीमती सविता शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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» नई वैज्ञानिक तकनीक से खेती करने से होगा लाभ : डॉ.डी. के. सिंह
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