फूलपुर से विष्णु शर्मा
उत्तर प्रदेश में एकमात्र ऐसा भी उच्च प्राथमिक विद्यालय है! जहां पर एक भी विद्यार्थी नहीं है! सिर्फ दो शिक्षक ही हैं!
उच्च प्राथमिक विद्यालय कौड़िया शिक्षा क्षेत्र मिर्जापुर जनपद आजमगढ़ उत्तर प्रदेश में यह एकमात्र ऐसा विद्यालय भी है! जहां पर दो शिक्षक हैं! मगर एक भी विद्यार्थी नहीं है!
बता दें कि आजमगढ़ के विकासखंड मिर्जापुर में एकमात्र उच्च प्राथमिक विद्यालय है! जहां एक भी विद्यार्थी नहीं है! यहां के प्रधानाध्यापक का नाम पप्पू पांडे बताया जा रहा है! यह प्रधानाध्यापक दबंग प्रधानाध्यापक बताए जा रहे हैं! इनके अंदर एक भी शिक्षक का गुण नहीं है!
उच्च प्राथमिक विद्यालय कौड़िया में ना तो खाने की व्यवस्था है! न हीं पीने की! यहां के प्रधानाध्यापक दबंग तथा गुंडे किस्म के हैं! इस विद्यालय की एक बार खबर चल चुकी थी! फिर भी प्रधानाध्यापक के कार्यशैली में सुधार नहीं है! बताया जा रहा है कि उनकी पहुंच बहुत ऊपर के अधिकारी तक है! इसलिए यह सब कुछ अपने मनमानी तरीके से करते हैं! इनका SDI से मिली से भगत रहती है इनका कोई रिश्तेदार ADM पद पर है जिनके सहयोग से ये महोदय बच जाते हैं! वहीं सहायक अध्यापक ने बताया कि जब से यहां आया हूं तब से तमाम तरीके से प्रधानाध्यापक को समझा चुका हूं! पर यह महोदय समझते ही नहीं है
SDI से लेकर सभी शिक्षा अधिकारी जानते हैं! मगर इनका पंडित जी होने से कोई कुछ नहीं करता यह गांव वालों को हमेशा डराते रहते हैं! जिसमें गांव वाले उनके सामने आवाज उठाने से डरते हैं! वहीं कुछ गांव वालों ने कहा कि रसोईया बनाने वाली का पैसा भी खा गए हैं! उनके विद्यालय में कागज पर लिखा सब मिलेगा मगर सामने दिखता नहीं है! विद्यालय में ना ही साफ सफाई होती है! ना ही बैठने की व्यवस्था है! दिखने मे किसी भूत बंगले से कम नहीं!
वहीं रसोईया बनाने वाली ने कहा लगभग 3 साल से मुझे वेतन नहीं मिला है! वही गांव वालों के सामने ही पत्रकार से हातपाई पर प्रधानाचार्य उतारू हो गए
! जिसमें महोदय ने तो पत्रकार की मोबाइल ही छीन लिया! बस एक ही छोटे से सवाल पूछने पर- सिर्फ सवाल यही था कि~ आप देर से विद्यालय क्यों आए हैं!महोदय ने तो इतने में ही फोन छीन लिया कुछ देर बाद महोदय ने नशीला पदार्थ निकाल करके हाथ में लेकर के खाने की कोशिश किया! जब महोदय कैमरे के सामने कुछ भी कर सकते हैं! तो बंद कैमरे के पीछे क्या करते होंगे!
यह चर्चा का विषय बना हुआ है! वही गांव वालों ने कहा कि सरकार से गुजारिश है कि ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से हटाकर नियम के अनुसार कार्यवाही करें! हम लोग डरे वह सहमे हुए हैं!
एक टिप्पणी भेजें
एक टिप्पणी भेजें